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रोगी का नाम अनिल कुमार यादव है जो इलाहाबाद के रहने वाले हैं। वह किडनी की गंभीर समस्याओं से जूझ रहे थे। सभी डॉक्टरो ने अनिल जी को डायलिसिस प्रोटोकॉल के लिए भी बोल दिया था। साथ ही रोगी को किडनी की बीमारी से कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।

इलाज से पहले

  • वजन का कम होना
  • शरीर में कमजोरी आना
  • क्रिएटिनिन लेवल का बढ़ना – 5 mg/dL

आयुर्वेदिक उपचार के बाद

कर्मा आयुर्वेदा से कुछ महीने ही उपचार प्राप्त करने के बाद रोगी में काफी सुधार देखने को मिला हैं। रोगी शारीरिक तौर पर फिट हुआ हैं। चलने फिरने में भी सुधार आया हैं।

  • वजन समान्य हुआ
  • कमजोरी खत्म हो गई
  • क्रिएटिनिन लेवल – 62 mg/dL

विश्लेषण:

कर्मा आयुर्वेदा ने ये हजारों बार सिद्ध करके दिखाया हैं किडनी का इलाज संभव हैं। इस रोग को डायलिसिस और ट्रांसप्लांट के बिना जड़ से खत्म किया जा सकता हैं। ऐसा सिर्फ कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल की आयुर्वेदिक दवाओं और डॉ. पुनीत धवन द्वारा दिए गए सलाह का पालन करने से हुआ हैं।


किडनी की बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार

हर साल किडनी की बीमारी के चलते लाखों लोग अपनी जान गंवा बैठके हैं, लेकिन सबसे खतरनाक बात ये है कि अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी तब होती हैं जब बहुत देर हो चुकी होती हैं। दरअसल किडनी की बीमारी के लक्षण उस वक्त उभरकर सामने आते हैं, जब किडनी 60 से 65% डैमेज हो चुकी होती हैं, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता हैं, इसलिए समय रहते इसके लक्षणों की पहचान किया जाना बहुत जरूरी होता हैं।

दिल्ली के प्रसिद्ध केंद्रो में से एक हैं कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल। ये अस्पताल 1937 में धवन परिवार द्वारा स्थापित किया गया था और आज इसके नेतृत्व में डॉ. पुनीत धवन हैं। वह 30 हजार से भी ज्यादा मरीजों का इलाज कर चुके हैं। साथ ही आयुर्वेदिक उपचार और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से किडनी के मरीजों को रोग ठीक किए हैं। वो भी डायलिसिस और ट्रांसप्लांट की सलाह दिए बिना। भारत और एशिया के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी प्रोटीनुरिया का आयुर्वेदिक उपचार किया जाता हैं। डॉ. पुनीत धवन ने किडनी के 30 हजार मरीजों को डायलिसिस और किडनी रोग से मुक्त किया हैं।