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पेशेंट का नाम अघोरी यादव हैं जो किडनी की बीमारी से परेशान हैं। उन्हें इस बीमारी में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। डॉक्टर ने रोगी को डायलिसिस के लिए भी बोल दिया था।

  • यूरिन की समस्या
  • उच्च यूरिया – 241
  • उच्च क्रिएटिनिन लेवल – 9.48

आयुर्वेदिक उपचार के बाद

कर्मा आयुर्वेदा से इलाज के बाद वह पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। अब वह शारीरिक तौर पर भी फिट हैं। रोगी काफी अच्छे से अपने खान-पान का ध्यान रखा हैं जिससे उनमें जल्दी से जल्दी सुधार देखने को मिला हैं।

  • यूरिन की समस्या भी खत्म हो गई
  • यूरिया स्तर – 179
  • क्रएटिनिन लेवल – 7.07

विश्लेषण:

कर्मा आयुर्वेदा एक बार फिर रोगी को डायलिसिस से पर जाने से बचाया हैं। साथ ही उनका क्रिएटिनिन लेवल भी कम हुआ हैं और किडनी रोग से मुक्त हुए हैं। वो भी सिर्फ आयुर्वेदिक उपचार की मदद से।


किडनी की समस्या

किडनी की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही हैं। मानव शरीर में दो किडनी होती हैं, इनके सही तरीके से काम न करने पर जीने की संभावना बहुत कम रह जाती हैं। रीढ़ की हड्डी के दोनों सिरों पर बीन के आकार के दो अंग होते हैं, जिसे किडनी कहा जाता हैं। शरीर के रक्त का बड़ा हिस्सा किडनी से होकर गुजरता हैं। किडनी में मौजूद लाखों नेफ्रोन नलिकाएं रक्त को छानकर शुद्ध करती हैं। ये रक्त के अशुद्ध भाग को पेशाब के रूप में अलग भेजती हैं। किडनी रोग की शुरूआती अवस्था में पता नहीं चल पाता है और यह इतना खतरनाक होता हैं कि बढ़कर किडनी फेल्योर का रूप ले लेता हैं।

आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों को उपयोग करके दवाएं बनाई जाती हैं जो रोग को पूरी तरह से ठीक करने के लिए काफी बेहतर माना गया हैं। भारत में प्रसिद्ध आयुर्वेदिक केंद्र में से एक हैं कर्मा आयुर्वेदा। ये 1937 में दुनिया भर के मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इसके नेतृत्व में एक अनुभवी आयुर्वेदा चिकित्सक डॉ. पुनीत धवन हैं। कर्मा आयुर्वेदा में सिर्फ आयुर्वेदिक इलाज पर भरोसा किया जाता हैं। डॉ. पुनीत ने 35 हजार से भी ज्यादा मरीजों का इलाज करके उन्हें रोग मुक्त किया है।