Category: Blog

गुर्दे की विफलता के लिए आईसीडी 10 कोड – एक्यूट किडनी उपचार

गुर्दे की विफलता के लिए आईसीडी 10 कोड

मानव में रीनल फेल्योर दो प्रकार की होते हैं। एक्यूट (एआरएफ) और दूसरी क्रोनिक सीआरएफ होती हैं। एआरएफ अचानक होता हैं और जबकि क्रोनिक लंबी अवधि का होता हैं। एक्यूट और क्रोनिक किडनी की फेल्योर अलग-अलग कारणों से होती हैं। दोनों प्रकारों का उपचार एक ही हैं। सबसे अधिक बार चुने जाने वाला उपचार या तो डायलिसिस उपचार या किडनी ट्रांसप्लांट हैं। शरीर में अन्य स्थितियों के कारण एआरएफ हो सकता हैं जो किडनी में रक्त के प्रवाह को कम कर देते हैं जिससे रक्त ...

हाई पोटेशियम खाद्य पदार्थ डायलिसिस से बचाने के लिए

हाई पोटेशियम खाद्य पदार्थ डायलिसिस

किडनी की भूमिका किडनी का मुख्य काम पेशाब बनाने के लिए अतिरिक्त पानी और रक्त ये चयापचय अपशिष्ट को छानना हैं। शरीर को ठीक से काम करने के लिए किडनी कैल्शियम, फास्फोरस, सोडियम और पोटेशियम जैसे लवण और खनिजों को संतुलित करते हैं जो रक्त में संचारित होते हैं। किडनी हार्मोन बनाते हैं जो रक्तचाप को निंयत्रित करने में मदद करते हैं, लाल रक्त कोशिकाओं को बनाते हैं और हड्डियों को मजबूत रखते हैं। किडनी डिजीज अक्सर समय के साथ खराब हो सकती हैं और ...

किडनी डिजीज में ज्यादा प्रोटीन लेना क्यों खराब हैं?

किडनी डिजीज में ज्यादा प्रोटीन लेना क्यों खराब हैं

जब प्रोटीन शरीर में पच जाता हैं, तो इसे पहले अमीनो एसिड में तोड़ दिया जाता हैं, जो विभिन्न प्रकार के कार्यों और उपयोगों के लिए अन्य अमीनो एसिड, हार्मोन और एंजाइम बनाने के लिए उपयोग किया जाता हैं। प्रोटीन की पूरी तरह से टूट जाने के बाद ये अपशिष्ट उत्पादों को पैदा करेगा जो पाचन तंत्र की दीवारों के माध्यम से और रक्तप्रवाह में बाहर निकलते हैं, जहां उन्हें फिल्टर्ड किया जाएगा और किडनी द्वारा हटा दिया जाएगा। साथ ही स्वस्थ किडनी रक्तप्रवाह से ...

जन्मजात पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

जन्मजात पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज

ऑटोसोमल रिसेसिव पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज – पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज के रोगियों में देखा जाने वाला सबसे दुर्लभ मामला हैं। इस बीमारी को एक आवर्ती जीन द्वारा स्थानांतरित किया जाता हैं। इस बीमारी के लक्षण जन्म के तुरंत बाद देखे जाते हैं, कभी-कभी वे बचपन में बाद में दिखाई नहीं देते हैं। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंग हैं जो मुख्य रूप से पेशाब के माध्यम से शरीर से विषाक्त पदार्थों, अपशिष्ट और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का कार्य करती हैं। जीवनशैली में बदलाव और आनुवांशिकी ...