क्रोनिक किडनी डिजीज (सी.के.डी) का स्टेज-1, किडनी ट्रीटमेंट इन इंडिया – डा पुनीत

किडनी क्या काम करती है?

किडनी मानव के शरीर के एक अहम अंग है, जी हां, किडनी की खराबी किसी गंभीर बीमारी या मौत का करण भी बन जाता हैं। इसकी तुलना सुपर कंप्यूटर के साथ करना उचित हैं, क्योंकि किडनी की रचना बड़ी अटपटी है और उसके कार्य अत्यंत जटिल हैं उनके दो प्रमुख कार्य हैं- हानिकारक अपशिष्ट उत्पादों और विषैले कचरे को शरीर से बाहर निकालना और शरीर में पानी, तरल पदार्थ, खनिजों का सहीं से चयन करना। “क्रोनिक किडनी डिजीज स्टेज-1- डा पुनीत”
क्रोनिक किडनी डिजीज (सी.के.डी) का स्टेज-1

क्रोनिक किडनी डिजीस क्या है?

क्रोनिक किडनी डिजीज यानी सी.के.डी इसमें दोनों किडनी को कराब होने में महीनों या सालों तह का समय लग जाता हैं। शुरुआत में दोनों किडनी की कार्यक्षमता में अधिक कमी होने  के कारण कोई भी लक्षण नजर नहीं आते हैं, लेकिन जैसे-जैसे किडनी ज्यादा खराब होने लगती हैं और मरीज की तकलीप बढ़ती जाती हैं। “क्रोनिक किडनी डिजीज स्टेज-1- डा पुनीत”

किडनी के प्रमुख सकेंत और लक्षण:

  • थकावट और शरीर में थकान महसूस करना
  • किसी ध्यान में परेशान रहना
  • अपर्याप्त भूख
  • सोने में परेशानी
  • मांसपेशीयों में ऐंठन आना
  • सूजन पैर, हाथ और मतली
  • त्वचा में सुखी खुजली त्वचा
  • पेशाब करने के लिए अक्सर आग्रह करता हूं “क्रोनिक किडनी डिजीज स्टेज-1 – डा पुनीत”

क्रोनिक किडनी डिजीज (सी.के.डी) का पहला चरण:

क्रोनिक किडनी डिजीज के पहले चरण में किडनी की कार्यक्षमता 90 – 100 % होती है। इस स्थिति में eGFR 90 मि.लि./मिनिट से ज्यादा रहता है। इस अवस्था में मरीजों में कोई लक्षण दिखने शुरू नहीं होते हैं। पेशाब में असामान्यताएँ हो सकती है जैसे पेशाब में प्रोटीन जाना। एस्करे. एम. आर. आई., सी. टी. स्कैन या सोनोग्राफी से किडनी में खराबी दिखाई पड सकती है या सी.के.डी. नामक बीमारी का पता लग जाता है। “क्रोनिक किडनी डिजीज स्टेज-1”