क्रिएटिनिन किडनी रोग का आयुर्वेदिक उपचार

क्रिएटिनिन हर किसी के ब्लड में और यूरिन में होता हैं। क्रिएटिनिन टेस्ट से ये पता चलता है कि आपकी किडनी कितनी अच्छी तरह से काम कर रही हैं। नॉर्मल परिस्थितों में आपकी किडनी खुद ही इन सब्सटेन्स को फिल्टर करने की और आपके शरीर से निकाल बाहर करने के काबिल होती हैं, लेकिन हैल्थ प्रॉब्लम्स इस फंक्शन के बीच में रूकावट पैदा करती हैं, जो कि क्रिएटिनिन की खतरनाक मात्रा में वृद्धि करने लग जाती हैं। ऐसे काफी सारे तरीके मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप क्रिएटिनिन के लेवल को कम कर सकते हैं, जिसमें आपकी डाइट को बदलना, लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना, मेडिकेशन लेना और मेडिकल थेरेपी में शामिल होना भी शामिल हैं।

क्रिएटिनिन के रिजल्ट्स को समझें

क्रिएटिनिन के लेवल की नॉर्मल रेंज पूरी तरह से उस बात पर निर्भर करती हैं, जब आप एक एडल्ट मेल, एडल्ट फीमेल या टीनेजर्स हैं। जी हां, इसके बाद भी वैल्यूज आपकी उम्र और आपके शरीर के आकार के ऊपर भी निर्भर करती हैं, लेकिन फिर भी इसकी कुछ ऐसी जनरल रेंज मौजूद हैं, जिन्हें आप देख सकते है।

नॉर्मल ब्लड क्रिएटिनिन लेवल्स इस प्रकार हैं

  • पुरुष – 0.6 से 1.2 mg/dL ; 53 से 107mcmol/L
  • महिला – 0.5 से 1.1 mg/dL ; 44 से 97 mcmol/L
  • टीनेजर्स – 0.5 से 1.0 mg/dL
  • बच्चे – 0.3 से 0.7 mg/dL

नॉर्मल यूरिन क्रिएटिनिन लेवल्स इस प्रकार है

  • पुरुष – 107 से 139 mL/min ;8 से 2.3 mL/sec
  • महिला – 87 से 107 mL/min ; 5 से 1.8mL/sec

40 वर्ष से ऊपर के किसी भी व्यक्ति के लिए हर बार 10 वर्ष की उम्र और बढ़ने के बाद इसके लेवल्स को 6.5 mL/min की दर से घटना चाहिए।

क्रिएटिनिन की जांच

किसी वयस्क पुरूष के रक्त में क्रिएटिनिन का सामान्य स्तर लगभग 0.6 से 1.2 मिलीग्राम प्रति लिटर प्रति दशमांश (डीएल) होता हैं। वहीं वयस्क महिलाओं में ये प्रतिलिटर प्रति दशमांश 0.5 1.1 मिलीग्राम होता हैं। क्रिएटिनिन और क्रिएटिन क्लीयरेंस जांच से रक्त और पेशाब में क्रिएटिनिन नामक इस अनुपयोगी पदार्थ के स्तर की जांच की जाती हैं। इन दोनों जांच की मदद से किडनी के ठीक प्रकार से काम करने या कोई समस्या होने आदि कि जानकारी मिलती हैं। किडनी की बीमारी होने की स्थिति में क्रएटिनिन की मात्रा पेशाब में कम और खून अधिक हो जाता हैं

क्रएटिनिन के बढ़ते स्तर  को  कम करें

क्रिएटिनिन का बड़ा हुआ स्तर किडनी संबंधित बीमारी या समस्याओं की ओर इशारा करता हैं, लेकिन घबराइए नहीं, क्योंकि आहार में परिवर्तन, जीवनशैली में कुछ बदलाव दवाओं के सेवन आदि से क्रिएटिनिन लेवल को कम किया जा सकता हैं जैसे-

  • प्रोटीन की अधिक मात्रा से बचें
  • सोडियम का कम से कम सेवन करें
  • ब्लड प्रेशर की दवाएं नियंत्रित में रखें
  • पेनकिलर का सेवन कम करें
  • भरपूर नींद लें
  • हर्बल टी या नेटल लीफ का इस्तेमाल करें

रक्त में उच्च क्रिएटिनिन स्तर निम्न कारणों से हो सकते हैं –

  • गंभीर रूप सा किडनियों की खराबी या किडनियों की पुरानी बीमारी
  • शरीर में पानी की कमी के कारण
  • मांसपेशियों में गंभीर चोट, पॉलीमायोसिटिस और बहुत ज्यादा व्यायाम आदि।
  • मानसिक तौर पर आघात, रक्तचाप कम होना, घातक रक्त स्त्राव और घातक इंफेक्शन आदि।
  • इसके अलावा ये परेशानी कार्बन मोनोऑक्साइड विषाक्तता, हाइपोथायरायडिज्म और गर्भावस्था की वजह भी हो सकता हैं।

क्रिएटिनिन को कम करने के लिए आयुर्वेदिक उपचार

कर्मा आयुर्वेदा एक प्रसिद्ध ब्रांड नाम हैं, जो 1937 में स्थापित हुआ था।  सफलतापूर्वक हर्बल और जैविक दवाओं के साथ हजारों रोगियों का इलाज करते हैं। यह वर्तमान में डॉ. पुनीत धवन के तहत काम कर रहे हैं जो एक प्रसिद्ध आयुर्वेद व्यवसायी हैं। वह अपने किडनी रोगियों को दवाओं और आहार पर विशेषज्ञ सलाह प्रदान करते हैं। आयुर्वेद को सभी प्रकार की शारीरिक बीमारियों के लिए सबसे अच्छा इलाज माना जाता हैं। ये कुछ जड़ी-बूटियों जैसे कि, वरूण, पुनर्नवा, गोखुर, शिरीष शिगेरू का उपयोग करते हैं। ये जड़ी-बूटियां प्रोटीनूरिया के लक्षणों को कम करता हैं। ये किडनी को फिर से जीवित करने में मदद करता हैं। साथ ही डॉ. पुनीत ने आयुर्वेद की मदद से 35 हजार से भी ज्यादा मरीजों को रोग से मुक्त किया हैँ। वो भी डायलिसिस या ट्रांसप्लांट के बिना।